जानिए कब आएगा यूपी विधानसभा चुनाव 2022 का एग्जिट पोल

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 का एग्जिट पोल (UP Vidhan Sabha Chunav 2022 Ka Exit Poll): उत्तर प्रदेश में इस समय विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। इस चुनाव के पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को हो चुका है। 7 चरण के यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के अंतिम चरण का मतदान 7 मार्च को होगा। इस चुनाव के लिए वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। ऐसे में अब सभी को वोटिंग के बीच एग्जिट पोल 2022 का इंतजार है। 

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 का एग्जिट पोल (UP Vidhan Sabha Chunav 2022 Ka Exit Poll)

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 का एग्जिट पोल
UP Vidhan Sabha Chunav 2022 Ka Exit Poll

 चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले सभी एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आएंगे, जो यह संकेत देंगे कि यह चुनाव कौन जीत सकता है। आईये जानते है एग्जिट पोल से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब –

क्या है एग्जिट पोल? 

वोट डालने के बाद मतदान केंद्र से बाहर आए मतदाता से बात करके एग्जिट पोल तैयार किया जाता है। मतदाता से पूछा जाता है कि उसने किसे वोट दिया। हर बड़े चुनाव में कई एजेंसियां ​​और मीडिया हाउस अपने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी करते हैं।

क्या आप जानते हैं एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल में क्या अंतर है?

एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल को लेकर अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं। ये दोनों बातें आपके सामने भी जरूर गुजरी होंगी। क्या आप जानते हैं एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल में क्या अंतर है? मैं आपको बता दूँ।

मूल रूप से, चुनाव में मतदान से पहले जनमत सर्वेक्षण किए जाते हैं। इसमें मतदाताओं के मिजाज को जानने की कोशिश की जाती है और उसी राय के आधार पर, जनमत सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी किसी भी आगामी चुनाव की भविष्यवाणी जारी करती है। इसके उलट एग्जिट पोल वोटिंग के बाद किए जाते हैं। इसमें मतदाताओं से सीधे पूछा जाता है कि उन्होंने किसे वोट दिया है। 

जानिए कौन करता है एग्जिट पोल?

अक्सर आप न्यूज चैनलों पर एग्जिट पोल देखते रहते हैं। ऐसे में आपके मन में यह स्वाभाविक सवाल जरूर आया होगा कि आखिर एग्जिट पोल कौन करवाता है? ये एग्जिट पोल न्यूज चैनल या सर्वे एजेंसियां ​​करवाती हैं। इसे मतदाताओं की राय के आधार पर तैयार किया जाता है। इसी के आधार पर चुनाव के नतीजों का आकलन किया जाता है। 

क्या एग्जिट पोल पर कोई रोक है?

हां। वर्ष 2010 में जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 में धारा 126 (ए) जोड़कर एग्जिट पोल पर नकेल कसने का प्रावधान लागू किया गया। इसके तहत किसी भी चुनाव के दौरान चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक एग्जिट पोल जारी नहीं किए जा सकते हैं। ऐसा इसलिए किया गया ताकि मतदाताओं की राय प्रभावित न हो।

मसलन इस बार चुनाव आयोग ने, एग्जिट पोल 2022 के लिए 10 फरवरी को सुबह 7 बजे से 7 मार्च की शाम 6.30 बजे तक एग्जिट पोल पर रोक लगा दी है। 


अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है, इसकी पुष्टि Mandnam नहीं करता है।  इस पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञों की राय अवश्य लें।

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