संतान प्राप्ति के लिए उपाय, सुयोग्य संतान के लिए गणपति प्रयोग 

संतान प्राप्ति के लिए उपाय (Santan Prapti Ke Liye Upay): वैसे तो गणेश जी सभी प्रकार के विध्नों का विनाश करने वाले देवता हैं लेकिन अगर कोई साधक इनकी पूजा सच्चे मन से करें तो उसे उसका फल अवश्य ही प्राप्त होता है। इसी तरह अगर कोई सुयोग्य संतान की प्राप्ति की कामना करता है तो उसके लिए गणेश प्रयोग फलदाई है। प्रस्तुत है, सुयोग्य संतान की प्राप्ति के लिए गणपति आराधना विधि –

संतान प्राप्ति के लिए उपाय (Santan Prapti Ke Liye Upay)

संतान प्राप्ति के लिए उपाय
Santan Prapti Ke Liye Upay

सुयोग्य संतान के लिए गणपति प्रयोग

संतान यदि स्वस्थ, सुंदर, विद्वान, गुणी, दीर्घायु, पराक्रमी, आज्ञाकारी, कर्मठ एवं चरित्रवान हो तो माता-पिता और घर-परिवार खुशहाल होते हैं परंतु यदि संतान दुष्ट, चरित्रहीन या आवारा हो जाए तो माता-पिता जीवित अवस्था में ही नरक के समान कष्ट पाते हैं। 

वही संतान न होने की स्थिति में घर आंगन में एक अजीब-सा सूनापन होता है। संतान यदि उधम मचाने वाली और उदंड हो तो भी जीवन का बेड़ा गर्क हो जाता है। शास्त्रों में सुयोग्य संतान के लिए गणेश प्रयोग को काफी असरकारक माना गया है। अगर आप भी इसकी कामना करते हैं तो पूजन विधि को जाने –

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पूजन सामग्री 

गणपति यंत्र, गणेश लॉकेट, लघु नारियल, माला, दूर्वा एवं कुमकुम आदि। 

संतान प्राप्ति के लिए मंत्र

ॐ गं गणपतये सुयोग्य पुत्र दाताराय नमः। 

विधि 

महीने के किसी भी गणेश चतुर्थी को सुबह उठकर दैनिक क्रिया से निवृत्त होकर शुद्ध एवं स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। घर के ईशान कोण को पहले से ही साफ और स्वच्छ कर लेना चाहिए, या जहां पूजा करना हो, वहां की साफ-सफाई पहले ही कर लें। 

वैसे इस प्रयोग के लिए ईशान कोण ही सबसे उपयुक्त होता है। इस जगह पर कुश या ऊन का आसान बिछाकर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। सामने बाजोट यानि लकड़ी के पाट पर गणेश जी की प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए। 

प्रतिमा रखने से पहले बजोट पर पीला वस्त्र बिछायें और उस पर एक थाली रखें। थाली के बीचो-बीच कुमकुम से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और शुभ-लाभ लिखें। फिर इसके ऊपर हल्दी से रंगे पीले चावलों की एक ढेरी बनाएं। 

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इस ढेरी के ऊपर गणपति यंत्र को स्थापित कर दें। साथ ही साथ गणेश लॉकेट, लघु नारियल और माला भी थाली में स्थापित कर दें। इसके बाद अब पंचोपचार विधि से प्रतिमा एवं यंत्र के साथ-साथ सभी सामग्रियों की पूजा करें। 

उपरोक्त मंत्र से गणेश यंत्र का 108 बार जप करते हुए यंत्र पर दूर्वा चढाएं। तत्पश्चात गणपति माला से उपरोक्त मंत्र का 21 माला जप करें। ध्यान रखें, बिना बीच किए इस प्रयोग को लगातार 21 दिन तक दोहराना है। 

फिर 21 दिन के बाद अभिमंत्रित गणेश लॉकेट को गले में धारण कर लें। लघु नारियल एवं गणेश यंत्र को किसी लाल कपड़े में लपेटकर दक्षिणा सहित किसी मंदिर में दान कर दें। बाकी शेष पूजन सामग्री को किसी अन्य लाल कपड़े में लपेटकर किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें। 

इस प्रयोग को लगभग सभी लोग कर सकते हैं, जिनको अभी संतान होने वाली है अथवा जिनके अभी संतान नहीं हुए हैं। उदण्ड संतान को सुधारने की इच्छा से भी इस प्रयोग को किया जा सकता है। इसमें अभिमंत्रित  गणेश लॉकेट को बच्चे के गले में पहनना होता है। इस प्रकार गणेश साधना से आपको मनचाही संतान की प्राप्ति हो सकती है। 

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अस्वीकरण – लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए हैं। Mandnam.com इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले, कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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